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क्या सच में होती है पहाड़ों में परियां

खैट पर्वत इलाक़े में स्थित थात गांव से 5 किमी की दूरी पर खैटखाल मंदिर है, जिसे रहस्यमयी शक्तियों का केंद्र भी कहा जाता है। स्थानीय लोग इसे परियों या आछरियों के मंदिर के रूप में भी पूजते है।

माँ काली को समर्पित ‘कालीमठ ‘मंदिर

कालीमठ मंदिर के बारे में यह मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गयी मनोकामना या मुराद जरुर पूरी होती है। इस मंदिर में एक अखंड ज्योति निरंतर जली रहती है एवम् कालीमठ मंदिर पर रक्तशिला, मातंगशिला व चंद्रशिला स्थित हैं। कालीमठ मंदिर में दानवों का वध करने के बाद मां काली मंदिर के स्थान पर अंतर्ध्यान हो गयी, जिसके बाद से कालीमठ में मां काली की पूजा की जाती है।

ढोल की थाप में नाचते मुखौटे, जानिए क्या है रम्माण

रम्माण यानि उत्तराखंड कि वो खुबसूरत विधा जिसको विश्वस्तर पर एक अलग पहचान प्राप्त है। रम्माण उत्सव एक प्रसिद्ध उत्सव… Read More »ढोल की थाप में नाचते मुखौटे, जानिए क्या है रम्माण

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